Tue, March05, 2012
खंडपीठ में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीआर पूनिया ने कहा कि पंचायतराज विभाग की ओर से 1998 के बाद अब तृतीय श्रेणी भर्ती परीक्षा करवाई जा रही है। इसमें एनसीटीई के प्रावधानों के अनुसार शिक्षक योग्यता परीक्षा (आरटेट) में सफल अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
भर्ती परीक्षा जिला परिषदों के माध्यम से जिलेवार करवाई जा रही है। प्रक्रिया पर रोक से भर्ती में विलंब होगा और अभ्यर्थियों में निराशा व्याप्त होगी। इस पर खंडपीठ ने पूछा कि पिछली बार इस परीक्षा को आरपीएससी के माध्यम से कराया गया था, तो इस बार परीक्षा जिला परिषद के माध्यम से जिलेवार क्यों करवाई जा रही है। कुछ अन्य सवाल भी हैं जिनका सरकार व संबंधित विभागों व एजेंसियों को जवाब देना होगा।
खंडपीठ ने कहा कि सरकार की विज्ञप्ति इतनी उलझन भरी है कि कोई भी अदालत इस पर रोक लगा सकती है, लेकिन अभ्यर्थियों को फॉर्म आदि भरने में असुविधा न हो इसलिए एकलपीठ के अंतरिम आदेश पर 19 मार्च तक रोक लगाई जा रही है।
इस दौरान मूल शिकायतकर्ता देवीसिंह के वकील ने इस बार आरटेट नहीं कराई गई है, जिससे करीब 6 लाख अभ्यर्थियों को नुकसान होगा। इस पर खंडपीठ ने कहा कि इस पर एकलपीठ में पूर्व निर्धारित तिथियों पर सुनवाई होगी।
Key: Rajasthan, III Grade Teachers, High Court stay, RTET, District wise III grade,
(sourced Bhaskar.com)

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